दिल के अफ़्साने हो तुम
गीतों के तराने हो तुम
मेरे सारे सपने हो तुम
तुम मेरे अपने हो तुम।।
तुम आशा हो विश्वास हो तुम
तुम मेरी तड़पन प्यास हो तुम
तुम मेरा जीवन स्वाँस हो तुम
इस बंजारे का आकाश हो तुम।।
तुम मुझ बादल का सावन हो
तुम मेरी सीता पावन हो
मेरे होंठों की मुस्कान हो तुम
मेरा सारा जहाँ अभिमान हो तुम।।
सर्वत्र प्रेम बरसाती तुम
सब रंग गुलाल उड़ाती तुम
ये सावन भादों लातीं तुम
और फागुन में मुस्काती तुम।।
तुम चपल चंचला माया हो
तुम मेरी स्वप्निल साया हो
तुम प्रेम अनादि अनंत लिए
जैसे सागर को समाया हो।।
तुम जैसे शीतल चन्दन हो
तुम मेरी पूजा वंदन हो
तुम अभिवादन अभिनन्दन हो
तुम अमृत सागर मंथन हो।।
तुम करुणा ममता की मूरत
तुम इक भोली प्यारी सूरत
तुम मेरा तीरथ कीरत हो
तुम मेरी अपनी सीरत हो।।
तुम गीत मेरे संगीत मेरे
तुम प्रीत मेरे मनमीत मेरे
तुम दीन मेरे तुम धर्म मेरे
इस जीवन का हो मर्म मेरे।।
तुम कोमल कंचन कोरी हो
उन्मुक्त प्रेम की डोरी हो
तुम जैसे चाँद चकोरी हो
तुम मेरी राधा गोरी हो...।।
गीतों के तराने हो तुम
मेरे सारे सपने हो तुम
तुम मेरे अपने हो तुम।।
तुम आशा हो विश्वास हो तुम
तुम मेरी तड़पन प्यास हो तुम
तुम मेरा जीवन स्वाँस हो तुम
इस बंजारे का आकाश हो तुम।।
तुम मुझ बादल का सावन हो
तुम मेरी सीता पावन हो
मेरे होंठों की मुस्कान हो तुम
मेरा सारा जहाँ अभिमान हो तुम।।
सर्वत्र प्रेम बरसाती तुम
सब रंग गुलाल उड़ाती तुम
ये सावन भादों लातीं तुम
और फागुन में मुस्काती तुम।।
तुम चपल चंचला माया हो
तुम मेरी स्वप्निल साया हो
तुम प्रेम अनादि अनंत लिए
जैसे सागर को समाया हो।।
तुम जैसे शीतल चन्दन हो
तुम मेरी पूजा वंदन हो
तुम अभिवादन अभिनन्दन हो
तुम अमृत सागर मंथन हो।।
तुम करुणा ममता की मूरत
तुम इक भोली प्यारी सूरत
तुम मेरा तीरथ कीरत हो
तुम मेरी अपनी सीरत हो।।
तुम गीत मेरे संगीत मेरे
तुम प्रीत मेरे मनमीत मेरे
तुम दीन मेरे तुम धर्म मेरे
इस जीवन का हो मर्म मेरे।।
तुम कोमल कंचन कोरी हो
उन्मुक्त प्रेम की डोरी हो
तुम जैसे चाँद चकोरी हो
तुम मेरी राधा गोरी हो...।।
Dis was dedicated to jain sir....lol
जवाब देंहटाएंAwsm mere bhai
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